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सिपाही बनाने का ठेका लेने वाला रैकेट पकड़ा 5-5 लाख रुपये में बनाता था


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Posted By : Pushpanjali Today    2017-08-23  

सिपाही बनाने का ठेका लेने वाले रैकेट को झांसी रोड थाना पुलिस ने केंद्राध्यक्ष की सतर्कता से पकड़ा है। ग्वालियर, 5-5 लाख रुपए में हरियाणा के युवक को प्रदेश में सिपाही बनाने का ठेका लेने वाले रैकेट को झांसी रोड थाना पुलिस ने केंद्राध्यक्ष की सतर्कता से पकड़ा है। मूल परीक्षार्थी के साथ फर्जी को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। हरियाणा के युवक के स्थान पर परीक्षा देने वाला युवक मुरैना जिले के जौरा का रहने वाला है और हरियाणा में कोचिंग चलाता है। पुलिस इस रैकेट को चलाने वाले युवक की तलाश कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि इस रैकेट ने तीन युवकों से 5-5 लाख रुपए में सिपाही बनाने का ठेका लिया था। सीएसपी डीवीएस भदौरिया ने बताया कि जुलाई में सिपाही की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। ऑनलाइन परीक्षा पूरे प्रदेश में ली जा रही है। डबरा रोड पर स्थित नागाजी कॉलेज में सिपाही की भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा मंगलवार को आयोजित की गई थी। ऐसे पकड़ में आया रैकेट फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ने के लिए ऑनलाइन परीक्षा में तीन चरणों में जांच होनी थी। सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के समय अंगुली के निशान मैच करने थे। उसके बाद परीक्षा हॉल में एंट्रेस के समय अंगुली निशान लिए जाने थे। इसके बाद परीक्षा समाप्त होने पर ये प्रक्रिया दोहराई जानी थी। ऑनलाइन परीक्षा देने के बाद एक युवक अंगुली के निशान देने में आनाकानी कर भागने का प्रयास करने लगा। तभी संदेह के आधार पर उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दी गई। पहले फर्जी परीक्षार्थी पकड़ में आया केंद्राध्यक्ष की सूचना पर पुलिस ने नागाजी कॉलेज पहुंचकर युवक को हिरासत में ले लिया। झांसी रोड थाना प्रभारी दीपक यादव ने बताया कि पकड़े गए युवक ने पहले अपना नाम गलत बताया। लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम ऋषिकांत पुत्र रामभरोसे त्यागी निवासी जैतपुरा जौरा जिला मुरैना बताया। ऋषिकांत ने बताया कि वह हरियाणा जिले के झाझर जिले के लाड़पुरा गांव में रहने वाले सचिन पुत्र जसवीर के स्थान पर सिपाही भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए आया था। सचिन व उसका भाई कपिल भी साथ आए हैं। जो कि कॉलेज के आसपास ही हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर सचिन और उसके भाई कपिल जाट को भी पकड़ लिया। 5 लाख में सिपाही बनाने का ठेका लिया था ऋषिकांत, सचिन व कपिल से अलग-अलग की गई पूछताछ में खुलासा हुआ कि ऋषिकांत ने एमए किया है और वह पिछले 2 साल से हरियाणा में कोचिंग चला रहा है। ऋषिकांत के संपर्क में राजेश निवासी कादमा हरियाणा था। राजेश ने ऋषिकांत से कुछ युवकों का मध्य प्रदेश में सिपाही के लिए सिलेक्ट कराने के लिए बात की। प्रत्येक युवक से 5 लाख में सौदा तय हुआ। योजना के अनुसार ऋषिकांत को परीक्षार्थी के बदले ऑनलाइन परीक्षा देनी थी। परीक्षा से पहले ढाई लाख व फिजीकल निकलने के बाद ढाई लाख रुपए लेने थे। राजेश के संपर्क में इंटर पास सचिन जाट का परिवार था। राजेश के कहने पर ऋषिकांत ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए आया था लेकिन वह परीक्षा देने के बाद पकड़ में आ गया। एक और परीक्षार्थी का रोल नंबर व दस्तावेज मिले ऋषिकांत के पास से पुलिस को हरियाणा के भीम सिंह पुत्र धर्म सिंह का नंबर भी मिला है। भीम सिंह की ऑनलाइन परीक्षा बुधवार को होनी है। पुलिस को आशंका है कि सचिन के बाद ऋषिकांत- भीम सिंह के स्थान पर ऑनलाइन परीक्षा देता। लेकिन इससे पहले ही रैकेट पकड़ में आ गया। आरोपी ने भी तीन युवकों से सिपाही बनाने के लिए 5-5 लाख रुपए में ठेका लिए जाने की बात कबूल की है। पुलिस अब राजेश की तलाश कर रही है। इस रैकेट को पकड़ने में झांसी रोड थाने के टीआई दीपक यादव, एसआई पंकज तिवारी व सिपाह धर्मेंद्र पाठक की अ

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