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रोनाल्डो की धमाकेदार हैट्रिक, पुर्तगाल-स्पेन मैच 3-3 से ड्रा


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Posted By : Ram swaroop rajak    2018-06-16  

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में से एक क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने शुक्रवार को दिखा दिया कि उन्हें विश्व के दिग्गज खिलाड़ियों में शुमार क्यों किया जाता है। 2013-14 बैलन डि ओर अवॉर्ड विजेता और फीफा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रोनाल्डो ने अकेले दम खचाखच भरे फिश्ट स्टेडियम में विश्व कप के ग्रुप-बी के मुकाबले में हार की कगार पर खड़ी पुर्तगाली टीम को स्पेन के खिलाफ 3-3 से ड्रॉ कराने में सफलता दिलाई। तीन विश्व कप खेलने वाले रोनाल्डो ने इस मैच में हैट्रिक लगाई जबकि स्पेन के लिए डिएगो कोस्टा ने दो और नाचो ने एक गोल किया। रोनाल्डो का जादू : स्पेनिश क्लब रीयल मैड्रिड के जादूगर रोनाल्डो ने उसी देश की राष्ट्रीय टीम के खिलाफ ऐसा जादू बिखेरा कि दुनिया की 10वें नंबर की सितारों से भरी टीम भौचक्की रह गई। जब गेंद गोल पोस्ट के पास रोनाल्डो के पैर पर आ जाए तो गोल होना लाजिमी है। मैच के तीसरे मिनट में ही पुर्तगाल की टीम ने पेनाल्टी हासिल की और इसे गोल में बदलने की जिम्मेदारी रोनाल्डो के कंधों पर थी। उन्होंने दायें पैर से गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। इसके बाद स्पेनिश टीम जाग गई और गेंद को ज्यादातर अपने पाले में रखा। इसका फायदा 24वें मिनट में स्पेन के कोस्टा ने लिया। उन्होंने डी के अंदर से चार पुर्तगाली डिफेंडरों को छकाते हुए गेंद को तेजी से गोल पोस्ट में डाल दिया। स्पेनिश टीम ने मैच में वापसी की लेकिन रोनाल्डो यहीं नहीं रुके और 44वें मिनट में उन्होंने बायें पैर से अपना दूसरा गोल दाग दिया। इस हाफ में स्पेनिश टीम को पांच कॉर्नर मिले अगर वह इन्हें गोल में बदल देते तो पहले हाफ का नतीजा कुछ और निकलता। पहला हाफ पुर्तगाल ने 2-1 से अपने नाम किया। स्पेन की वापसी : दूसरे हाफ में 58वें मिनट में कोस्टा एक बार फिर टीम के लिए खेवनहार बनकर आए। सर्जियो बास्किट्स ने पेनाल्टी एरिया में हेडर से गोल कोस्टा को पास दिया और उन्होंने आराम से गेंद को गोल पोस्ट की राह दिखाई। मैच अब बराबरी पर आ गया लेकिन तीन मिनट बाद ही नाचो ने पुर्तगाली टीम के गोलकीपर को नाचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने डी के बाहर से गेंद को तेजी से हिट किया और गेंद सीधा जाली में अटक गई। स्पेन यहां से 3-2 से आगे हो गया। इस बीच डी के अंदर कोस्टा के पास हैट्रिक करने का मौका था लेकिन गेंद गोल पोस्ट के बायें ओर से निकल गई। फ्री किक ने बदला मैच : एक बार फिर पुर्तगाली प्रशंसकों को रोनाल्डो से चमत्कार की उम्मीद थी। उन्होंने टीम के साथ प्रशंसकों को निराश नहीं किया। 88वें मिनट में पुर्तगाल को फ्री किक मिली। फ्री किक लेने रोनाल्डो को आना ही था। उनके पास टीम को वापसी कराने का बेहतरीन मौका था और उन्होंने लंबी-2 सांस भरते अपने दायें पैर से फ्री किक को गोल बदलकर मैच ड्रॉ करा दिया। मैच खत्म होने के बाद वह जिस तरह से खुश हो रहे थे उससे समझ आ रहा था कि अकेले दम पुर्तगाली कप्तान ने स्पेन को ड्रॉ पर रोकर अपनी टीम की अगले दौर में जाने की राह आसान कर दी है। स्पेनिश गोलकीपर ने किया निराश : स्पेन के गोलकीपर डेविड डि गिया ने टीम को निराश किया। वह अपने किले के सामने साधारण तरीके से खड़े रहे। इसका फायदा रोनाल्डो ने उठाया। स्पेन के स्ट्राइकरों ने भी निराश किया जो पांच कॉर्नर मिलने के बाद भी उसे गोल में बदल नहीं पाए। हालांकि दोनों ही टीमों ने अपने किले को सुरक्षित रखना अहम समझा और 4-2-3-1 की रणनीति से मैदान पर उतरीं। खास बात यह रही कि दोनों टीमों के मुख्य स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और डिएगो कोस्टा ने मिलकर पांच गोल दागे। डिफेंडर मारिया गिमनेज के गोल से उरुग्वे ने मिस्त्र को 1-0 से हराया उरुग्वे के मुख्य स्ट्राइकर लुइस सुआरेज से टीम को उम्मीदें थी कि वह मिस्त्र के खिलाफ मुकाबले में गोलकर बड़ी जीत दिलाएंगे लेकिन बार्सिलोना 31 वर्षीय स्टार पर उम्र इस तरह हावी हो गई कि वह शुक्रवार को विश्व कप के मुकाबले में मिले तीन मौकों को भुना नहीं पाए। सुआरेज ने भले ही मिस्त्र के खिलाफ तीन मौके गंवाए हों लेकिन उरुग्वे के डिफेंडर जोश मारिया गिमनेज ने आखिरी मिनटों में हेडर के जरिये गोल करके जीत दिलाई। 2014 में सुआरेज ने इटली के डिफेंडर जियोर्जियो चेलिनी को काट खाया था और उन पर नौ मैच प्रतिबंध लगा जिसकारण वह विश्व कप से बाहर हो गए थे। 1970 के बाद उरुग्वे ने विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में जीत दर्ज की। जन्मदिन पर बेंच पर बैठे रहे सलाह : एक्तारेनबर्ग स्टेडियम में सब की नजर सुआरेज के अलावा मिस्त्र के स्ट्राइकर मुहम्मद सलाह के ऊपर थी कि वह मैदान पर उतरेंगे या नहीं लेकिन वह स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में बेंच पर बैठे रहे। शुक्रवार को वह अपना 26वां जन्मदिन मना रहे थे। गुप ए के पहले मैच में दोनों टीमें आक्रामक नहीं खेली। उरुग्वे जैसी शक्तिशाली टीम के सबसे मजबूत खिलाड़ी सुआरेज ने आसान मौके खोए। 90 मिनट के खेल में किसी खिलाड़ी को एक या दो मौके ही मिलते हैं लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा सके। अगर सुआरेज गोल करने के मौकों का फायदा उठा लेते तो टीम पहले हाफ में 2-0 से आगे हो जाती। ऐसे खोए मौके : 25वें मिनट में सुआरेज के पास गोल करने का बेहतरीन मौका था। कॉर्नर से उन्हें गेंद मिली और उन्होंने गेंद को हिट किया लेकिन वह गेंद गोल पोस्ट से बाहर से चली गई। 32वें मिनट में उरुग्वे को फ्री किक मिली। फ्री किक में पांच खिलाड़ी मिस्त्र की दीवार बनकर खड़े रहे। रणनीति के हिसाब से दो खिलाड़ी उरुग्वे के भी थे लेकिन सुआरेज फ्री किक को गोल में बदल नहीं पाए। इस तरह पहला हाफ 0-0 से बराबर रहा। पूरा हाफ मिडफील्ड में खेला गया। तारीफ के काबिल मिस्त्र टीम भी रही जिसके चार डिफेंडर और सेंटर मिडफील्डर ने अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभाते हुए विपक्षी टीम को गोल करने नहीं दिया। एडिनसन कवानी ने भी उरुग्वे के लिए गोल के मौके बनाए लेकिन अन्य खिलाड़ी इसका फायदा नहीं उठा सके। कोच ने बदली रणनीति : दूसरे हाफ में 57वें मिनट में उरुग्वे के कोच ऑस्कर तबरेज ने दो बदलाव किए जिसमें नाहिटन नांदेज को बाहर किया व उनकी जगह कार्लोस सांचेज को अंदर किया। गोल करने के लिए उरुग्वे को और आक्रामक होने की जरूरत थी और कोच ने इसी समय एक और बदलाव कर डाला। उन्होंने जिओर्जियन डि अर्रासकाएटा को मैदान से बाहर भेजा और उनके स्थान पर क्रिस्टियन रोड्रिगएज को अंदर बुला लिया। इसके बाद टीम तेजी से फुटबॉल खेलने लगी। 62वें मिनट में मिस्त्र के मरवान मोहसेन मैदान से बाहर गए और उनकी जगह कहाबा अंदर आए। इस बीच दोनों टीमें छोटे-छोटे पास देकर खेलने लगी। 74वें मिनट में सुआरेज के पास फिर टीम का खाता खोलने का मौका था। सुआरेज ने विपक्षी टीम के डिफेंडरों को छकाते हुए गेंद को हिट किया लेकिन गोलकीपर ने उसे पैर से रोक दिया। हालांकि सुआरेज इस तरह गोल करने के मौके नहीं गंवाते हैं लेकिन इस बार उनका जादू देखने को नहीं मिला। 87वें मिनट में मिस्त्र की टीम ने अम्र वार्डा को बाहर भेजकर रामदान सोभी को उतारा गया लेकिन मैच पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। इसके एक मिनट बाद ही अहमद फाथी ने डी के बाहर से तेजतर्रार शॉट मारा जिसका उरुग्वे के गोलकीपर ने मुस्तैदी दिखाकर शानदार बचाव किया। कुछ देर बाद ही मैच का एकमात्र शानदार गोल देखने को मिला। जब कार्लोस सांचेज के पास से डिफेंडर जोश मारिया गिमनेज ने बिना कोई गलती किए हेडर से गेंद को गोल पास्ट में डालकर मिस्त्र के प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया। मिस्त्र के गोलकीपर ने चार ऐसे अच्छे बचाव किए जो गोल हो सकते थे। लेकिन जीत उरुग्वे के हाथों लगी

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