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IND vs AFG : अफगानी कप्तान की बोलती बंद, अब बड़बोलेपन से करेंगे तौबा


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Posted By : Ram swaroop rajak    2018-06-16  

मल्टीमीडिया डेस्क अफगानिस्तान को डेब्यू टेस्ट मैच में भारत के हाथों मिली करारी हार के बाद काफी कुछ सीखने को मिला होगा। इस टीम ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनका पहला टेस्ट मात्र दो दिनों में खत्म हो जाएगा। अफगानी कप्तान असगर स्टेनिकजाई को इस मैच के बाद एक सबक अवश्य मिल गया होगा कि कभी भी मैच से पहले बड़ी-बड़ी बातें नहीं करनी चाहिए वरना बाद में मुंह छिपाना पड़ता है।   अफगानिस्तान टेस्ट क्रिकेट खेलने वाला 12वां देश बन गया। टीम इंडिया ने यह मैच पारी और 262 रनों के अंतर से जीता। सीमित ओवरों के क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन कर रही अफगानी टीम के कप्तान स्टेनिकजाई ने भारत के खिलाफ टेस्ट से पहले दोनों देशों के स्पिनरों को लेकर बड़ा बयान दे दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी टीम का स्पिन गेंदबाजी आक्रमण भारत की तुलना में बेहतर हैं। उन्होंने अपने स्पिनरों 19 वर्षीय राशिद खान और 17 वर्षीय मुजीबुर रहमान को रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा से बेहतर बताया था। अब टेस्ट मैच के बाद उन्हें भी यह स्पष्ट हो गया होगा कि कौन श्रेष्ठ है। राशिद ने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 154 रन देकर 2 विकेट लिए। उनके नाम डेब्यू टेस्ट में सबसे ज्यादा रन खर्च करने का शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया। मुजीब भी 75 रन देकर 1 विकेट ले पाए। इसके उलट भारतीय स्पिनरों ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया। जडेजा ने मैच में दोनों पारियों में 35 रन देकर 6 विकेट और अश्विन ने 59 रन देकर 5 विकेट झटके। इस तरह भारतीय स्पिनर निर्विवाद रूप से सर्वश्रेष्ठ साबित हुए। माना कि राशिद खान टी20 फॉर्मेट में वर्ल्ड नंबर वन और वनडे फॉर्मेट में वर्ल्ड के दूसरे क्रम के गेंदबाज है, लेकिन यह मुकाबला टेस्ट फॉर्मेट का था। राशिद को प्रथम श्रेणी क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं है तो दूसरी तरफ मुजीब ने इससे पहले कभी फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला ही नहीं था। सी‍मित ओवरों में आपको अधिकतम 10 ओवर डालने होते है और बल्लेबाज रन बनाने की जल्दबाजी में होते हैं, इसके चलते गेंदबाज को विकेट मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती है। इसके उलट टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज के संयम की परीक्षा होती है क्योंकि बल्लेबाज किसी प्रकार की जल्दबाजी में नहीं होते हैं। अश्विन और जडेजा वर्षों से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं और एक समय तो दुनिया के टॉप 2 गेंदबाजों में इनका शुमार होता था। इस वक्त भी जडेजा चौथे और अश्विन पांचवें क्रम पर है। ऐसे में अफगानी कप्तान स्टेनिकजाई द्वारा अश्विन और जडेजा की काबिलियत को नजरअंदाज कर अपने युवा और अनुभवहीन गेंदबाजों को उनसे श्रेष्ठ बताना बचकाना कदम ही कहा जाएगा। किसी मैच से पहले माइंड गेम के तहत बयान देना अलग बात है, लेकिन बेंगलुरु टेस्ट में मिली करारी हार और दोनों टीमों के स्पिनरों के प्रदर्शन के बाद अब अफगानी कप्तान को यह समझ आ गया होगा कि किस तरह का बयान देना है।

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