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WhatsApp पर दूसरे का गलत मैसेज फॉरवर्ड भी किया तो होगी कार्रवाई


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Posted By : Sunil Rajak    2018-07-04  

 

बड़ी संख्या में यूजर्स सोशल मीडिया पर आए मैसेजेस को बिना समझे या पूरा पढ़े फॉरवर्ड कर देते हैं। सवाल यह है कि क्या ऐसे किसी मैसेज को फॉरवर्ड करने का अर्थ यह है कि फॉरवर्ड करने वाला वहां कही गई बात का समर्थन करता है? मद्रास हाई कोर्ट के एक फैसले में इस पर स्थिति स्पष्ट की गई है।

 

मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सोशल मीडिया पर कोई मैसेज शेयर करना या फॉरवर्ड करना, कही गई बात को स्वीकारने और मानने के बराबर ही है। पत्रकार से भाजपा नेता बने एसवी शेखर की याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने यह फैसला दिया था। एसवी शेखर ने कुछ महिला पत्रकारों को लेकर कही अभद्र बातों को फेसबुक पर शेयर किया था।

 

हाई कोर्ट ने कहा था, यदि किसी के बारे में कुछ कहा जा रहा है, तो यह महत्वपूर्ण है कि क्या कहा गया है, लेकिन इससे भी ज्यादा अहम यह है कि किसने कहा है। समाज में इसका ज्यादा असर होता है कि बात किसने कही है। कोई बड़ी हस्ती किसी मैसेज को फॉरवर्ड करती है, तो आम जनता पर इसका बड़ा असर पड़ता है। लोग इनमें कही बातों को मानना शुरू कर देते हैं। इसलिए यदि महिलाओं के बारे में सोशल मीडिया में कुछ गलत कहा जा रहा है, तो इसका भी नकारात्मक असर होता है।

 

यह भी पूरा मामला

 

एसवी शेखर ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्हें अपने दोस्त से एक मैसेज मिला। वो दोस्त हमेशा अच्छे और देशभक्ति वाले मैसेज भेजता था। इसलिए उन्होंने महिला पत्रकारों के बारे में कही गई अनर्गल बातों को बिना पढ़े ही फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए शेखर को दोषी माना।

 

जानिए कितना भारी पड़ सकता है एक झूठा मैसेज

 

सोशल मीडिया पर झूठा मैसेज किसी का जान भी ले सकते हैं। महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में ऐसा हो चुका है। हाल ही में महाराष्ट्र में बच्चा चोरी गिरोह सक्रिय होने का फर्जी मैसेज चला और भीड़ ने 5 लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी। अलग-अलग मामलों में एक साल में ऐसे 27 लोगों को मौत के घाट उतारा जा चुका है।

 

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो होगी गिरफ्तारी

 

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले सावधान हो जाएं। अब उनके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है और जेल की हवा खाना पड़ सकती है। गुजरात में ऐसा ही हुआ है।

 

यह पहला मौका है जब सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में किसी शख्स को गिरफ्तार किया गया हो। पुलिस ने सुरेश प्रजापति के खिलाफ केस किया है, जिसने अहमदाबाद में बच्चा चोरी गैंग सक्रिय होने का झूठ फैलाया था।

 

एडि. कमिश्नर पुलिस अशोक यादव के मुताबिक, जिस समय पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, उस समय वह कुछ लोगों को इकट्ठा कर कथित बच्चा चोर गैंग का वीडियो दिखा रहा था। उस पर आईपीसी की धारा 505 के तहत केस किया गया है।

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