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अटलजी का निधन: आडवाणी ने कहा- मेरा 65 साल पुराना दोस्त चला गया, मनमोहन बोले- उनसे बहुत कुछ सीखा


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Posted By : Sunil Rajak    2018-08-16  

नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (93) का गुरुवार शाम 5.05 बजे एम्स में निधन हो गया। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, ‘‘मेरा 65 साल पुराना दोस्त चला गया। मैं अपने दोस्त और पुराने साथी को बेहद मिस करूंगा। देश के इस बेटे के जाने का दुख व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।’’ वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

मोदी ने निजी क्षति बताया :

मोदी ने लिखा ‘‘मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। यह मेरे लिए निजी क्षति है। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है। लेकिन वो हमें कहकर गए हैं- मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी सेहत का हाल जानने पिछले दो महीने में कई बार एम्स जा चुके थे। इससे पहले 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने लाल किले की प्राचीर से दिए भाषण में भी कश्मीर के संदर्भ में अटलजी को याद किया था। उन्होंने कहा था- वाजपेयीजी ने कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत का जिक्र किया था। हम इसी पर आगे बढ़ रहे हैं।

राजनाथ ने कहा- लोगों को एकता के सूत्र में बांधा :

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अटलजी के लिए कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ‘‘अटलजी के जाने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। विकसित और शक्तिशाली भारत के लिए उन्होंने हमेशा लोगों को एकता के सूत्र में बांधकर रखा।

शाह ने कहा-हमेशा प्रेरित करेंगे अटलजी :

अमित शाह ने कहा कि अटलजी के विचार, उनकी कविताएं, उनकी दूरदर्शिता और उनकी राजनीतिक कुशलता सदैव हम सबको प्रेरित व मार्गदर्शित करती रहेंगी।

अटलजी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि था :

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटलजी ने हमेशा देश के लिए काम किया। वह देश में राजनीतिक स्थिरता लाए थे।

देश ने खो दिया महान बेटा :

राहुल गांधी ने कहा कि आज देश ने अपना महान बेटा खो दिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी करोड़ों लोगों के प्रिय थे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और उनके सभी चाहने वालों के साथ है। हम उन्हें मिस करेंगे।

मनमोहन ने कहा- अटलजी से बहुत कुछ सीखा  :

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि मैंने भारत रत्न अटलजी से काफी सीखा। वह कुशल वक्ता के साथ शानदार कवि थे। इसके अलावा जनता के बेहतरीन सेवक और महान प्रधानमंत्री थे। 

भारतीय राजनीति के सितारे थे अटलजी :

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि भारतीय राजनीति के आसमान में अटलजी सितारे की तरह थे, जिसने सबसे ज्यादा चमक बिखेरी। यहां तक कि विरोधी दल भी उनका सम्मान करते थे।

लता ने लिखा- मेरे सिर पर पहाड़ टूट पड़ा :

भारत रत्न लता मंगेशकर और सचिन ने भी अटलजी को श्रद्धांजलि दी। लता ने ट्वीट किया कि अटलजी के निधन की खबर से मेरे सिर पर पहाड़ टूटा है। मैं उन्हें पिता समान मानती थी और उन्होंने मुझे अपनी बेटी बनाया था। वहीं, सचिन तेंदुलकर ने लिखा कि आज देश को बहुत बड़ा नुकसान हुआ।

अमेरिका ने भी दुख जताया :

अटलजी के निधन पर अमेरिकी दूतावास ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि अटलजी ने भारत और यूएस के रिश्तों को मजबूत करने में अभूतपूर्व योगदान दिया। इसके लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।

1924 में ग्वालियर में जन्मे, मूल रूप से कवि और शिक्षक :

वाजपेयी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्मे। वे मूलत: कवि थे और शिक्षक भी रह चुके थे। 1951 में जनसंघ की स्थापना हुई और अटलजी ने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। 1957 में वाजपेयी मथुरा से लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए। हालांकि, बलरामपुर सीट से वे जीत गए। 1975-77 के आपातकाल के दौरान वे गिरफ्तार किए गए। 1977 के बाद जनता पार्टी की मोरारजी देसाई की सरकार में वे विदेश मंत्री भी रहे। 1980 में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी। वे 10 बार लोकसभा सदस्य रहे।

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