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पुष्पांजली टुडे रिपोर्टर मुकेश भदौरिया -- धर्म मे राजनीत नही आना चाहिये बल्कि राजनीत में धर्म होना चाहिये ।साध्वी ऋचा मिश्रा


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Posted By : Pushpanjali Today    2017-12-02  

भिण्ड जिला पूरे देश मे अपनली बोली ओर गोली के लिये जाना जाता था आज पूरे जिले में आद्यत्मिक की ऐसी गंगा  बह रही है की  गोरमी जैसी छोटी जगह के छोटे से गांव सुनारपुरा में जहाँ माँ कनकेस्वरी की भागवत कथा चल रही है तो अटेर सर्कल के छोटे से गांव कदौरा में साध्वी ऋचा मिश्रा की रामकथा इसके अलावा बहुआ बरहद में भी इस समय भागवत कथा के आयोजन हो रहे है इस अबसर पर हमारे प्रितनिधि सुभाष थापक ने संस्कार एबम आस्था चैनल की प्रमुख कथा बाचक साध्वी ऋचा मिश्रा से खुलकर बात की।

 

प्रितनिधि।आप एक महिला कथा बाचक है आप उत्तरप्रदेश से यहाँ पर कथा करने आई है आपको कोई दिक्कत या परेसान तो नही आती।

साध्वी ऋचा।कथा के प्रथम दिन थोड़ा असहज सा लगता है उसके बाद मुझे मेरे सभी भक्त मेरे परिवार के सदस्य लगने लगते है।

प्रितनिधि।आज हम देख रहे लोग करोङो रुपये खर्च कर रामकथा या भागवत कथा कराते है इससे समाज को क्या मिलता हैऐसा नही लगता आप लोग धर्म को बेच रहे है।

साध्वी ऋचा।ऐसा नही है जब धन का खर्च धर्म के लिये होता है तो उसका प्रभाव समाज पर जरूर पड़ता । कथा अपना प्रभाव जरूर छोड़ती है।जहाँ तक पैसे लेने की बात है हम लोगो को जो कथा के माध्यम से जो पैसा मिलता है हम उसको nav uthaan चरेटेवल ट्रस्ट के माध्यम से बम्बई एबम अन्य जगह जहाँ हमारे आश्रम है हम अनाथ बच्चो को रहने पढ़ने एबम उनके भोजन कपड़े सबका प्रबंध कर रहे।

प्रितनिधि।आजकल लोगो की आस्थाये धर्म के प्रित ज्यादा कियू बढ़ गई है।

साध्वी ऋचा।समाज मे जब एक ओर जहाँ अन्याय और अत्याचार बढ़ रहे है तो दूसरी तरफ लोगो का झुकाव धार्मिक आस्था की 

तरफ भी बड़ा है हम परम् पिता परमेस्वर को जितना याद करेंगे निश्चित तौर पर हमें उनकी दया उतनी ज्यादा बापस मिलेगी।याद का उल्टा दया होती है

प्रितनिधि।आजकल हम देख रहे है कुछ लोग चुनाव आते ही  अपनी राजनीति चमकाने के लिये धर्म का सहारा लेते है रामकथा करवाते है भागवत कथा करवाते है आप ऐसे उचित समझती है।

साध्वी ऋचा।जब खर्च धर्म के लिये हो तो इसमें कोई अनीति नही है लेकिन धर्म के बीच राजनीत नही आना चाहिये एक बार राजनीत में धर्म चल सकता है लेकिन धर्म मे किसी प्रकार की राजनीति नही होना चाहिये इससे ।समाज का भला नही हो सकता।संत का कार्य तो धर्म की पताका घर घर तक ले जाने का है संत को राजनीति से कोई लेना देना नही है।

प्रितनिधि ।बर्तमान समय मे आप मीडिया की भूमिका को कैसे देखती  है।

साध्वी जी।मीडिया की बडी महती भूमिका बर्तमान समय मे आज समाज सुधार में जो रोल हम संतो का है उसी प्रकार मीडिया भी आज हनुमान की भूमिका में है जो प्रभु के नाम को जन जन तक ले जाने का काम कर रही है।इस प्रकार हम कह सकते है  की आज मीडिया की बड़ी सकारत्मक भूमिका है।

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