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राम मंदिर निर्माण के लिए संतो ने क़ानून बनाने का दिया धमार्देश


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Posted By : Pushpanjali Today    2018-11-04  

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर देश भर के तीन हजार से अधिक साधु-संत दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में जुटे हैं। शनिवार को कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों ने सरकार को राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून बनाने का धमार्देश दिया।
जनता अब प्रत्यक्ष भागीदार बने
साधु-संतों ने कहा है कि राम मंदिर पर केंद्र सरकार अध्यादेश लाए या कानून बनाए इससे कम पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संतो द्वारा घोषित कार्यक्रमों में जनता अब प्रत्यक्ष भागीदार बने। सरकार बांग्लादेशी घुसपैठ रोके और असम का NRC कार्य पूरा होने के साथ पूरे देश में NRC लागू हो। जिसका आधार वर्ष 1947 हो।
राम मंदिर निर्माण के लिए जलाएं दीया
साधु-संतों ने कहा कि 25 नवंबर 2018 को अयोध्या, बेंगलुरु और नागपुर में विशाल धर्मसभाएं होंगी। 9 दिसंबर 2018 को पांच लाख लोग और कई हजार महात्मा दिल्ली आएंगे। देश के 500 जिलों में 9 दिसंबर को बड़ी-बड़ी सभाएं और विशाल कथाएं होंगी। साधु-संतों ने यह भी कहा कि दिवाली पर हर व्यक्ति से राम मंदिर निर्माण के लिए एक स्वदेशी दिया जलाए।
राम मंदिर बन जाएगा
गौरतलब है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा गरमा गया है। राम मंदिर निर्माण को लेकर शुरू हुई राजनीतिक दलों की खींचतान के बीच तालकटोरा स्टेडियम में चल रही अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में साध्वी प्राची ने कहा था कि राम जी का मंदिर धूमधाम से बनेगा।
छह दिसंबर को ही हमें शिलान्यास करना है। साध्वी ने यह भी कहा था कि अयोध्या के अंदर हिंदुस्तान के हिंदुओं को बुलाओ, राम मंदिर की घोषणा करो, किसी की जरूरत नहीं है राम मंदिर बन जाएगा।
हजारों साधु-संत ले रहे हैं भाग
गौरतलब है कि शनिवार से दो दिवसीय साधु-संतों की बैठक तालकटोरा स्टेडियम में शुरू हो चुकी है। इसे धर्मादेश का नाम दिया गया है। तालकटोरा स्टेडियम में जारी इस बैठक में देश भर के तकरीबन तीन हजार साधु-संत भाग ले रहे हैं। बैठक में हिंदू धर्म के सभी 125 संप्रदायों के संत हिस्सा ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में साधु-संतों का इस तरह का जमावड़ा प्रयागराज कुंभ से पहले सबसे बड़ा है।


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