ग्वालियर ।अ
खिल विश्व गाय
त्री परिवार शांतिकुंज के निर्देशन में गायत्री शक्तिपीठ एवं गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में जागृति महिला मंडल द्वारा 16 दिसंबर से 19 दिसंबर तक जी बाय एम सी ग्राउंड पर 24 कुंडी गायत्री शक्ति संवर्धन यज्ञ आयोजित किया जा रहा है। यज्ञ के प्रथम दिन सर्वप्रथम संगीतमय वैदिक मित्रों के साथ सभी देवी देवताओं का आह्वान किया गया पांडाल में बैठे सभी श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि सभी देवता अपने वाहनों पर यज्ञ स्थल में पधार रहे हैं देव भगवान के बाद सभी देवताओं का पूजन गायत्री माता गुरुजी एवं माता जी का विशेष पूजन किया गया यज्ञ का संचालन शांतिकुंज से पधारी ब्रह्मवादिनी बहने श्रीमती सविता चाबुकर टोली नायक श्रीमती सविता सिंह श्रीमती दिव्या साहू श्रीमती मीना गोरिया श्रीमती हेमलता देशमुख एवं द्रौपदी जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम संयोजक श्रीमती बबली बंसल एवं मीडिया प्रभारी डॉक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि यह बहाने बचपन से शांतिकुंज में माता भगवती देवी के संरक्षण में रही हैं एवं कर्मकांड एवं संगीत में निपुणता हासिल की है इसीलिए इन्हें देव कन्याओं की संज्ञा दी गई है। मंच संचालन गायत्री शक्तिपीठ के प्रमुख दृष्टि सी के गुप्ता द्वारा किया गया उन्होंने बताया आज के यज्ञ में 10 विद्या आरंभ 15 गुरु दीक्षा 12 पार्टी लेखन 2055 संस्कार निशुल्क कराए गए श्री चंदन कॉल के निर्देशन में शक्तिपीठ द्वारा गुरुदेव द्वारा लिखित पुस्तकों का स्टाल भी लगाया गया है। आज के यज्ञ में सद्बुद्धि हेतु गायत्री मंत्र सभी के स्वास्थ्य हेतु महामृत्युंजय मंत्र देश की पर्यावरण समस्या के समाधान हेतु बीज मंत्र देश की समृद्धि हेतु गायत्री बीज मंत्र की आहुतियां दी गई। यज्ञ स्थल पर मेडिकल कैंप भी लगाया गया है।
शाम 2:00 बजे से प्रज्ञा पुराण कथा का वचन प्रारंभ हुआ तथा के प्रारंभिक भाग में टोली नायक श्रीमती सविता चाबुकर ने कहा कि पूज्य गुरुदेव ने वर्तमान सामाजिक समस्याओं के निदान हेतु प्रज्ञा पुराण की रचना की है देश में कथा नको से लोगों की समझ जल्दी आती है सिद्धांतों एवं नियमों को हम देर से समझ पाते हैं पूज्य गुरुदेव ने वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर प्रज्ञा पुराण को लिखा है। आज हमने अनेक क्षेत्रों में विकास कर लिया है परंतु हमारी संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत विलुप्त हो गई है परिवार टूट रहे हैं वह मानसंता चरम पर है भाई-भाई एक दूसरे के दुश्मन बन रहे हैं फिर हमारी यह खोखली उन्नति एवं विकास किस काम का है परिवार के लोग साथ रहते हैं तो टकराव बना रहता है क्या कारण है हमारी बुद्धि को सर्व चिंतन की आवश्यकता है पूज्य गुरुदेव ने प्रज्ञा पुराण में परिवार जीवन को सुखी बनानेके सूत्रों की व्याख्या की है प्रज्ञा पुराण कथानकों से सामाजिक क्रांति का भूगोल बजाया गया है लिए हम सुधरेंगे तो युग सुधरेगा यह आचरण सभी को अपनाना है।
आज के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गोहद भिंड मुरैना शिवपुरी गुना दतिया ल।हर क्षेत्र के करीब 200 गायत्री परिजन उपस्थित हुए। उपस्थित लोगों में प्रमुख रूप से आरती गुप्ता ओ पी शिवहरे आरसी त्यागी केपी शर्मा अनंत चतुर्वेदी भक्ति दर्शन बरोलिया कमलेश गुप्ता ज्योति गुप्ता सुषमा सिंह बेबी रेजा विकास मिश्रा दिलीप मिश्रा सहित स्थानीय गायत्री परिजन उपस्थित थे।








