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अस्तित्व (कहानी)

चाँदनी सेठी कोचर (दिल्ली ) युवा लेखिका       18-07-30

 
राहुल और पूजा की लव मैरिज थी,दोनो एक दुसरेसे बहुत प्यार करते थे यह कोई आज का प्रेम नहीथा ,बल्कि 5 साल पुराना था । दोनों की मुलकातपहली बार कॉलेज में ही हुई , और बाद में दोनों ने एकसाथ एक ही ऑफिस में काम करना शुरू कर दिया ,दोस्ती प्यार में कब बदल गई , दोनों को ही पता न चला! दोनो अपनी शादी मे बहुत खुश थे , दोनों को एकदूसरे से कोई शिकयत नहीं थी , क्योंकी दोनों एकदूसरे को अच्छे से जानते थे !  लेकिन राहुल के पिताजी की सोच थोडी पुरानी थी ,वह चाहते थे की पूजाशादी के बाद अपने नाम के आगे कपूर ना लगाए , जो की पूजा से शादी से पहले उसका उपनाम था, पर पूजाअपने नाम के आगे अब कपूर और रावत दोनो लगतीथी , क्योकी वो अपना पुराना उपनाम नही हटानाचाहती थी,  क्योकी 28 साल तक यही उसकी पहचानरही है। शादी हो गई इसका मतलब ये कोई था , कि वोअपना अस्तिव ही मिटा दे। लेकिन राहुल के पिता जीइस बात को माने को राजी ही नही थे कि पूजा शादीके बाद भी अपना नाम ना बदले । वह तो पूजा औरराहुल से बोल चुके थे,  कि तुम दोनो को मेरी यह बातमानी ही पड़ेगी, नहीं तो  समाज मे मेरी क्या इज्जत रहेजायेगी , कि मेरी बहू ने मेरे नाम को नही अपनाया , और शादी से पहले वाला ही उपनाम लगा रही है।राहुल के पिता जी की आवाज़ सुनकर अचनाक राहुलकी माँ भी आ जाती है , और राहुल के पिता जी सेपूछती है , इतनी देर से आप सब यहाँ किस बात कोलेकर बेहेस कर रहे है ! क्या मैं जान सकती हु !
 
राहुल अपनी माँ को सब कुछ बता देता है , थोड़ी देरसोचने के बाद राहुल की माँ ने कहाँ कि -
 
" आप यह किस बात को लेकर बैठे है, पूजा अगरअपना शादी से पहले वाला उपनाम लगाना चाहती है ,तो इसमें क्या अपराध है , आख़िर वही तो उसकी इतनेसालो से उसकी पहचान है ,आज कल के समय मेआप किस बात को लेकर बवाल बना रहे हैं। कल कोहमारी बेटी पर अगर कोई इस बात को लेकर कोई उसेतंग करे या मजबुर करे, इस तरह नाम बदलने पर तोआपको कैसे लगेगा ।कभी सोचा है आपने"
 
इतना सुनते ही ,राहुल के पिता जी शन्ति से मंदिर कीऔर चले जाते है , आखिर उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया !
 
 
लेखिका-चाँदनी सेठी कोचर (दिल्ली )
युवा लेखिका