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देखते-देखते ही गुजरात के CM ओर उनके हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान के फाईटर प्लेन ने गोला दाग दिया , 7 मौत


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Posted By : Pushpanjali Today    2017-11-11  

 

देखते-देखते ही गुजरात के CM ओर उनके हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान के फाईटर प्लेन ने गोला दाग दिया , 7 मौत

 

 

*नई दिल्ली। गुजरात के सियासी रणभूमि में हर पार्टी सत्तापाने की जुगत में एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। पिछले दो दशक से गुजरात की सत्ता के सिंहासन पर काबिज बीजेपीको हटाने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नए तेवरऔर नए अंदाज में नजर आ रहे हैं। इस बीच कांग्रेस ने अपनेट्विटर अकाउंट पर एक ऐसा सर्वे किया है जिसने देश के इतिहास की 52 साल पुरानी वो घटना ताजा कर दी जिसमें पाकिस्तान के एक फाइटर पायलट ने गुजरात के मुख्यमंत्रीको मार डाला था*

 

दरअसल, #नोयोरलीगेसी के तहत किए गए एक सर्वे में कांग्रेस ने पूछा था कि गुजरात के किस मुख्यमंत्री को पंचायती राज का शिल्पकार माना जाता है। इसमें चारविकल्प दिए गए थे। जिसमें केशुभाई पटेल, बलवंत राय मेहता, आनंदीबेन पटेल और नरेंद्र मोदी का नाम शामिल था। जवाब देने वालों में सबसे ज्यादा पक्ष बलवंत राय मेहता को आया। यही जवाब सही भी था। बलवंत राय मेहता गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री थे और देश में पंचायती राज संस्थाओं के चैंपियन थे।

 

*कच्छ में हुआ हमला*

 

बता दें कि बलवंत राय मेहता के बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे की वे देश के एक मात्र ऐसे मुख्यमंत्री थे जो दुश्मन देश के हाथों मारे गए। घटना 19 सितंबर 1965 की है, जब भारत-पाकिस्तान सीमा के पास कच्छ के रण में उनका हेलिकॉप्टर उड़ रहा था तो पाकिस्तान के एयरफोर्स पायलट ने उसे मार गिराया। इस हमले में मेहता सहित सात लोग मारे गए थे। जिनमें उनकी पत्नी सरोज बेन, स्टाफ के तीन सदस्य, एक पत्रकार और दो क्रू मेंबर भी शामिल थे।

 

*46 साल बाद मांगी माफी*

 

ये घटना उस समय हुई जब भारत और पाकिस्तान का युद्धचरम पर था। 46 साल बाद पाकिस्तानी फाइटर एयरक्राफ्ट के पायलट ने मेहता के हेलिकॉप्टर बीचक्राफ्ट के पायलट की बेटी को पत्र लिखकर माफी भी मांगी। पायलट की बेटी ने भी पत्र का जवाब दिया और पिता के हत्यारे को माफ कर दिया।

 

*क्या था पूरा घटनाक्रम*

 

दरअसल, 18 सितंबर 1965 को बलवंत राय मीठापुर गए थे। वहां एक दिन ठहरने के बाद उन्होंने कच्छ की सीमा के लिए उड़ान भरी। कच्छ की सीमा अहमदाबाद से करीब 400 किमी दूर है। मीठापुर से उड़ान भरने के बाद बलवंत मेहता के हेलिकॉप्टर को पाकिस्तानी फाइटर कैश हुसैन ने इंटरसेप्ट किया। खबरों के मुताबिक उस समय कैश की उम्र केवल 25 साल की थी, 20 हजार फीट की ऊंचाई पर पाकिस्तानी फाइटर पायलट ने इंडियन एयरस्पेस में प्रवेश किया और फिर 3000 फीट की ऊंचाई पर आया, जिस पर भारतीय हेलिकॉप्टर उड़ान भर रहा था। थोड़ी देर बाद पाकिस्तानी हेलिकॉप्टर ने बलवंत राय के हेलिकॉप्टर के चक्कर लगाते हुए घेरा डाल लिया।

 

पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को देखते हुए बीचक्राफ्ट ने अपने पंखे हिलाने शुरू कर दिए। यह दया और छोड़ दिए जाने का इशारा था। भारतीय हेलिकॉप्टर को गुजरात सरकार के मुख्य पायलट जहांगीर एम. इंजीनियर उड़ा रहे थे। इंजीनियर भारतीय वायुसेना में पायलट और सह पायलट के रूप में अपनी सेवा दे चुके थे।

 

इस बीच पाकिस्तानी पायलट ने अपने वरिष्ठों से अनुमति पाने के लिए हवा में दो फायर किए। मीठापुर से 100 किलोमीटर दूर सुथाली गांव के ऊपर दोनों फायर ने बलवंत मेहता के हेलिकॉप्टर को हिट किया और बीचक्राफ्ट हेलिकॉप्टर में विस्फोट हो गया। धरती पर गिरने से पहले हेलिकॉप्टर आग का गोला बन गया. उस दिन अपने सात बजे के बुलेटिन में ऑल इंडिया रेडियो ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की खबर दी।

 

 

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