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जानिए कौन हैं नमिता भट्टाचार्य, जिन्होंंने दी अटल जी को मुखाग्नि


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Posted By : Sunil Rajak    2018-08-17  

नई दिल्ली। तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी पंच तत्व में विलीन हो गए। ता उम्र एक स्वयंसेवक के तौर पर संघ और पार्टी के लिए समर्पित रहे अटल जी ने शादी नहीं की थी। लेकिन उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में अपनी सहपाठी रहीं राजकुमारी कौल की बेटी नमिता को गोद लिया था। राजकुमारी कौल के पति बृज नारायण कौल की मौत के बाद वाजपेयी उनके घर के एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बन गए थे। इसलिए अटल जी ने राजकुमारी कौल की बेटी नमिता को गोद लिया था।

नमिता का विवाह रंजन भट्टाचार्य से हुआ है, जिन्होंने अटल जी के ओएसडी के रूप में भी कार्य किया था, इन दोनों की एक बेटी निहारिका है, आखिरी कुछ सालों में अटल जी नमिता और अपनी नातिन निहारिका के साथ ही रहे। वो नातिन निहारिका के काफी करीब थे। आखिरी के कुछ दिनों में भी नमिता और निहारिका उनके पास रहीं। यही वजह है कि अटल जी के अंतिम संस्कार के वक्त उनके परिवार के अलावा उनकी गोद ली हुई बेटी और उनका पूरा परिवार मौजूद रहा। नमिता भट्टाचार्य ने ही अटल जी को मुखाग्नि दी। इस मौके पर उन्हें सैनिकों ने सम्मान दिया।

वाजपेयी जी कई वर्षों से बीमार चल रहे थे। तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें 11 जून को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ दिनों तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रहने के बाद 16 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली। जून 2018 में उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, वे किडनी में संक्रमण और पेशाब संबंधी परेशानी से जूझ रहे थे। अटल बिहारी वाजपेयी 2009 से ह्वील चेयर पर थे और डिमेंशिया रोग से पीड़ित थे।

2009 तक अटल जी उत्तर प्रदेश के लखनऊ से सांसद रहे, लेकिन बाद में सेहत का साथ नहीं मिलने की वजह से उन्होंने सक्रिय राजनीति से खुद को दूर कर लिया। वाजपेयी जी ने 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन किया, जब जनता पार्टी खत्म हो गई थी।

 

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