दतिया जिले के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े शनिवार को खुद मरीज बनकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए पहुंचे। कलेक्टर ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और डॉक्टरों से चेकअप कराकर परामर्श भी लिया। इस दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टरों व स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने पंजीयन व्यवस्था को और भी बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
मरीज बनकर पहुंचे कलेक्टर
शनिवार को बड़ौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर ने मरीज की तरह अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखा। सबसे पहले कलेक्टर ने अपना नाम और मोबाइल नंबर देकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और इसके बाद मरीज की ही तरह डॉक्टर से चेकअप कराने पहुंचे। उन्होंने अपनी सामान्य जांच कराई और डॉक्टर से स्वास्थ्य के संबंध में परामर्श भी लिया। इसके बाद कलेक्टर ने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का निरीक्षण भी किया।
मरीजों और स्टाफ से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ से तो बातचीत की ही साथ ही अस्पताल में मौजूद मरीजों व उनके परिजनों से भी बात की। कलेक्टर ने अस्पताल में डिजिटल व्यवस्था शुरु होने के बाद मरीजों को होने वाली संभावित परेशानियों को लेकर बातचीत की। कलेक्टर ने लेबर रूम, टीकाकरण कक्ष के साथ ही एएनसी और पीएनसी वार्ड का भी निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने दिए निर्देश
इस दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और मरीजों की सुविधा पर ध्यान रखने के निर्देश अस्पताल स्टाफ को दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेवजह लाइन में खड़ा न रहना पड़े, इस बात पर ध्यान दिया जाए। अस्पताल में डिजिटल व्यवस्था जल्द ही शुरू की जाएगी और उसकी तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का इस्तेमाल मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए होना चाहिए।













